अगर नहीं चुका पा रहे हैं लोन तो ना हों परेशान, यहां पढ़े अपने ये अधिकार

अगर आपने किसी भी प्रकार का लोन लिया है और आप उसे अभी चुकाने में सक्षम नहीं है और आपको यह चीज का डर लग रहा है कि आपको इसके वजह से जेल जाना पड़ सकता है तो आप बिल्कुल ही डरे ना क्युकी भारत में लोन न चुकाना एक सिविल अपराध है ना कि क्रिमिनल अपराध है।

इसका मतलब यह है कि बैंक आपको जेल नहीं भेज सकती है पर बैंक के पास भी अपने बहुत ही सारे अधिकार होते हैं जिसके तहत वह आपकेखिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि अगर आप लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो आपका अधिकार क्या-क्या हैं? और लोन न चुका ने पर भारत में कौन-कौन से कानून लगते हैं? 

अगर नहीं चुका पा रहे हैं लोग तो ना हो परेशान, यहां पढ़े अपने यह अधिकार

यहां पढ़ें अपने ये अधिकार

जैसा कि हम जानते हैं हमारे देश के हर एक बैंक RBI के नियमों के तहत कार्य करती है और RBI ग्राहकों को कुछ अधिकार प्राप्त कर आती हैं। 

ताकि किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की परेशानी ना हो अगर कोई व्यक्ति किसी बैंक के कितने कार्य के लिए लोन लेता है और किसी कारणवश वह लोन चुकाने में असमर्थ है या कुछ दिनों की देरी हो जाती है।

  1. 60 दिन पहले नोटिस देना ( Right to adequate notice)
  2. आपकी संपत्ति का सही मोल करना 
  3. नीलामी की बची हुई राशि को वापस पाना
  4. अपनी मानव अधिकारों का बचाव करना
  5. अपनी निजता का सुरक्षा करना
  6. व्यवहार की समय सीमा
  7. कानूनी सहायता का अधिकार
  8. शिकायत निवारण का अधिकार

अगर आपका लोन सुरक्षित लोन है तो फिर बैंक को आरबीआई के नियमों तथा Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest (Sarfaesi) Act  तहत  दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ग्राहकों से Loan Recovery करेगी।


यह है आपके कानूनी अधिकार

कानूनी अधिकार

अब हम एक-एक करके इन सारे अधिकारों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

1. 60 दिन पहले नोटिस देना ( Right to adequate notice)

अगर आप बैंक में 90 दिनों तक Loan Defaulter रहते हैं यानी कि loan emi date कि 90 दिनों के बाद भी आपने अगर लोन की ईएमआई नहीं भरते हैं तो आपको Loan Defaulter माना जाता है।

अगर आपका एक सुरक्षित लोन है, यानी लोन की राशि की अवज में आपने बैंक में किसी भी चीज को गिरवी रखी है, तो बैंक को उस चीज को देखकर लोन रिकवरी करने से 60 दिन पहले नोटिस देना होता है, 

और अगर आप इन 60 दिनों में किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लेते हैं या Loan Recovery नहीं करते हैं तो फिर बैंक आपको 30 दिन की नोटिस देगा उसके बाद ही आपकी संपत्ति की नीलामी की जाएगी।

2. आपकी संपत्ति का सही मोल करना (Right fair valuation of assets)

अगर आपको लगता है कि बैंक के द्वारा संपत्ति की नीलामी में आपकी संपत्ति का सही मूल्य नहीं लगाया जाता जैसे कि अगर आपके पास कोई घर है और बैंक उस घर की नीलामी करता है, 

और बैंक को उससे 10 लाख रुपया मिल रहे हैं पर आपको लगता है कि उस घर की नीलामी में आपको 20 लाख रुपए मिलेंगे तो आपका अधिकार है कि उस व्यक्ति को घर बेचे जो कि उसका सही मूल्य प्रदान कर रहा है।

बैंक आपको किसी भी प्रकार से  मजबूर  नहीं कर सकती है अपनी संपत्ति का सही मूल्य लगाने से।

3. नीलामी में बची हुई राशि का वापस पाना (Right to balance proceeds)

जैसे कि हमने ऊपर के उदाहरण में देखा कि अगर आपके संपत्ति का मूल्य 20 लाख रुपए है और आपने बैंक से 10 लाख रुपए लोन लिए हैं, 

तो आपका अधिकार है कि बैंक आपकी बची हुई राशि को वापस करें अगर बैंक ऐसा नहीं करती है तो आप बैंक के ऊपर कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।

4. अपने मानव अधिकारों का बचाव करना (Right to protect human rights)

अगर आप किसी कारणवश बैंक के Loan EMI को नहीं चुका पाते हैं तो बैंक का यह अधिकार नहीं है कि बैंक Loan Recovery Agent के तहत या और किसी व्यक्ति की मदद से आप के मानव अधिकारों का हनन करें।

जैसे कि आपके घर पर आकर आपको परेशान करें, आप से अभद्रता करें, आपके परिवार को परेशान करें।

अगर कोई व्यक्ति आपसे ऐसा करता है तो आप अपने मानव अधिकार को बचाने के लिए बैंक तथा उस व्यक्ति के ऊपर कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।

5. अपनी निजता की सुरक्षा (Right to privacy)

आपका पूरा अधिकार है कि आप अपनी निजता की सुरक्षा करें अगर आप बैंक के Loan EMI नहीं चुका पाते हैं तो बैंक का यह अधिकार नहीं है कि बैंक किसी भी व्यक्ति के साथ आपकी Loan EMI ना चुकाने की जानकारी को साझा करें।

अगर लोन रिकवरी एजेंट और बैंक ऐसा करती है तो आप बैंक के ऊपर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

इसके अलावा आप बैंक तथा बैंक कर्मचारियों से लोन रिकवरी से जुड़ी समस्याओं से मिलने के लिए आप अपना खुद का समय तथा स्थान का चुनाव कर सकते हैं।

अगर आप किसी कारणवश लोन की EMI कुछ दिनों के लिए नहीं चुका पा रहे हैं तो आप बैंक को एक E-mail या फिर बैंक में जाकर एक application जमा कर सकते हैं 

और अपने लोन emi चुकाने का कारण बताकर उनसे कुछ दिनों का समय ले सकते हैं और बैंक आपको यह समय जरूर मुहैया कराएगी क्योंकि बैंकों को यह निर्देश दिया गया है 

कि अगर कोई ग्राहक अपनी आर्थिक समस्याओं के कारण लोन रकम को नहीं चुका पा रहे हैं तो उन्हें कुछ दिनों का समय दिया जाए।

6. व्यवहार की समय सीमा

व्यवहार की समय सीमा से आपको यह अधिकार मिलता है कि बैंक के कर्मचारीसिर्फसुबह 7:00 से लेकर शाम 7:00 बजे तक ही आपके घर में आकरलोन की वसूली के लिए आ सकते हैं।

कानूनी सहायता का अधिकार

कानूनी सहायता का अधिकार में आपको यह अधिकार मिलता है अगर बैंक के कर्मचारी या बैंक के द्वारा आपकी निजात का हनन होता है या फिर आपके साथ गलत व्यवहार किया जाता है तो फिर आप बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं और साथ ही साथ आप उसे कर्मचारियों के खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।


Unsecured Personal loan न चुकाने पर क्या होगा (personal loan nahi bhara to kya hoga)

ज्यादा समस्या Unsecured personal loan के case में ही होती है।

क्योंकि इसमें Recovery के लिए Bank के पास आपकी कोई संपत्ति नहीं होती है, ऐसे में Bank loan की रकम वसूलने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास करता है।

असुरक्षित loan में अधिक नुकसान Bank का होता है। Loan की रकम ना चुकाने पर Bank आपके खिलाफ कार्यवाही तो करेगा, लेकिन Bank की भी कुछ Limitation होती हैं।

RBI (Reserve Bank of India) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही Bank काम कर सकता है।

यदि आपने Personal Loan लिया है, जिसे चुकाने में असमर्थ है तो ऐसा में आपको कोई बहुत ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है।

इसके लिए rules निर्धारित हैं, बशर्ते loan न चुका पाने का आपका Reason genuine होना चाहिए।

सबसे पहले तो Bank loan लेने वाले से सीधे संपर्क करेगा और इसको निबटाने की बात करेगा, इसके बाद Bank की ओर से आपको official notice भी आएगा।

यदि Bank के Call के बाद भी Loan नहीं चुकाते हैं, तो Bank loan recovery agency को आपका loan amount, चुकौती या settlement के लिए भेज देते हैं।

इसके बाद ये agency आपको call करेंगी या फिर recovery agent को आपके घर पर भेजेगा, Loan amount की वसूली के लिए।

यदि इसके बाद भी loan चुकाने में असमर्थ हैं तो आपका loan amount को बंद कर दिया जाता है।

और इसका सबसे बड़ा नुकसान आपके CIBIL score पर पड़ता है।

सीधी भाषा में, Personal Loan नहीं चुकाने पर आपका CIBIL Score हो जाएगा, और फिर आप भविष्य में Loan लेने के लिए अयोग्य हो जाएंगे।

अच्छा CIBIL score loan approval के लिए बहुत जरूरी होता है, अगर यह खराब होगा तो आपको कोई भी loan नहीं मिलेगा।

अगर आप अपना पर्सनल loan नहीं चुका पाते हैं तो ऐसा होगा।


क्या लोन न चुकाने पर जेल हो सकती है?

क्या लोन न चुकाने पर जेल हो सकती है?

अगर loan नहीं चुका पाने का आपका reason genuine है, तो loan लेने वाले को जेल नहीं होगी।

यदि उधारकर्ता की अचानक मृत्यु हो जाती है और यदि Bank ने पहले ही इस परिस्थिति को भाँप लिया होता है।

तो इस मामले में, Bank पहले ही Loan का बीमा कर चुका होता है, जिसका भुगतान उधारकर्ता से लिया जाता है।

भविष्य में ऐसा हो जाने पर Bank अपने पैसे की वसूली बिमा comapany से करता है।

इस स्थिति में Bank का पैसा डूबता नहीं है।

इसे भी जरूर पढ़ें

  • ईएमआई (EMI) नहीं चुकाने पर क्या होता है?
  • पर्सनल लोन कितना मिल सकता है?
  • सबसे सस्ता पर्सनल लोन

लोन वसूली के लिए RBI के दिशा निर्देश

अगर आपने बैंक से किसी प्रकार का लोन लिया है और आप उसको चुकाने के लिए विफल होते हैं तो बैंक आपसे उसक रिकवरी के लिए संपर्क कर सकता है, लेकिन आपके साथ बदसलूकी नहीं कर सकता है।

इसको मद्दे नजर रखते हुए आरबीआई की ओर से बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट को दिशा निर्देश दिए जाते हैं, जो कुछ इस प्रकार है-

  1. अगर लोन रिकवरी के लिए कोई भी रिकवरी एजेंट आपको डराता धमकाता है तो आप धमकाने और प्रताड़ित करने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने भी अपराध माना है।
  2. अगर कोई लोन रिकवरी एजेंट किसी भी तरह की बदसलूकी करता है तो आप इसकी शिकायत बैंक के साथ-साथ आने में भी कर सकते हैं।
  3. लोन की किस्त नहीं चुका पाना है सिविल विवाद के अंदर आता है, ऐसे में डिफॉल्टर के साथ बैंक किय उसका कोई भी रिकवरी एजेंट मनमानी नहीं कर सकता है।
  4. लोन रिकवरी हेतु बैंक के ऑफिसर द्वारा लिए गए लोन के आवेदक को सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के बीच में ही कॉल कर सकता है और अगर वह आपके घर आकर इसकी सूचना देगा तो उसका समय भी यही होगा।
  5. अगर बैंक के कर्मचारी या ऑफिसर के द्वारा इन समय सीमा को तोड़ा जाता है तो आप इसकी शिकायत कॉल करके सीधे RBI से करवा सकते हैं।

लोन डिफॉल्टर्स के कानूनी अधिकार

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को जानबूझकर चूक करने वाले और लोन निपटने के लिए समझौता करने वाले लोगों को अलग करने के लिए कहा है, जो लोग समझौता करते हैं, वह 12 महीने के बाद फिर से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें लोन के लिए बैंक द्वारा परेशान नहीं किया जा सकता है।


FAQ : बैंक का लोन न चुका पाने पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बैंक लोन नहीं चुकाने की सजा क्या है?

अगर आप बैंक का लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो सबसे पहले बैंक आपको नोटिस देगा और आप कानूनी कार्रवाई करेगा, फिर न्यायालय आपको बैंक को लोन चुकाने के लिए कहेंगे। अगर आप तब भी लोन नहीं चुकाते हैं, तब जाकर आपको दंड दिया जाता है, जिसमें जेल भी हो सकता है या फिर जुर्माना देना पड़ सकता है या फिर आपको दोनों सजा हो सकती है।


लोन वाले परेशान करे तो क्या करें?

अगर आप किसी कारणवश लोन नहीं चुका पा रहे हैं और लोन वसूली के लिए आए रिकवरी एजेंट के द्वारा आपको परेशान किया जा रहा है तो आपका मानव अधिकार का हनन किया जा रहा है, इस स्थिति में RBI से कंप्लेंट कर सकते हैं तथा आप अपने नजदीकी थाना में जाकर रिकवरी एजेंट और लोन देने वाले बैंक के खिलाफ कंप्लेंट कर सकते हैं।

Emi नहीं चुकाने पर क्या होता है

अगर आप अपनी लोन की ईएमआई 3 महीने तक नहीं चुका पाते हैं तो बैंक आपको एक कारण-बताव  नोटिस जारी करता है जिसमें आपको बताना होता है कि आप किसी कारणवश बैंक को 3 महीने से एमी नहीं दे पा रहे हैं।

App लोन नहीं चुकाने पर क्या होता है

अगर आप किसी मोबाइल ऐप के द्वारा ऑनलाइनलोन लेते हैं और आप उसे नहीं चुका पाते हैं तो उसे कंपनी के द्वाराआपको लोन चुकाने के लिए कॉल किया जाता है तथा आपको नोटिस दिया जाता है इसके अलावा वह आपके क्रेडिट हिस्ट्री में चेंज कर सकते हैं और साथ ही साथ आपके ऊपर पेनाल्टी चार्ज लगाते रहेंगे जब तक आप उनका लोन नहीं चुका देते।
अभी भारत में बहुत सारे फ्रॉड मोबाइल लोन एप हैजो कि आपको लोन तो बहुत ही साधारण नियम और शर्तों में मुहैया करा देती है पर आपके साथबाद में बहुत ही बड़ा फ्रॉड करती है वह धीरे-धीरे आपको दिए गए लोन रकम से कई गुना ज्यादा पैसे आपसे वसूलते हैं। और साथ ही साथआपके साथ हरासमेंटभी कर सकती है इसीलिए ऑनलाइन लोन लेने से पहलेयह जांच लें कि जिस ऐप से लोन ले रहे हैं क्या वह लोन एप आरबीआई के द्वारा रजिस्टर्ड है क्या नहीं?
अगर कोई भीलोन देने वाली कंपनी के लोग आपके साथ गलत व्यवहार करते हैं तो आप उनके खिलाफ और उनकी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

निष्कर्ष

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने बात की है कि पर्सनल loan नहीं चुकाने पर क्या होगा? इसे पढ़ कर अपने जाना कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर लोन नहीं चुका रहा है तो ऐसी स्थिति में उसे जेल जाना पड़ सकता है या जुर्माना भरना पड़ सकता है।

वहीं अगर किसी परिस्थिति में अगर कोई व्यक्ति वाकई लोन चुकाने की स्थिति में नहीं है तो ऐसी स्थिति में वह अपने मानव अधिकार का हनन करने पर बैंक द्वारा परेशान किए जाने पर कार्रवाई करवा सकता है या वह चाहे तो बैंक के साथ सेटलमेंट कर सकता है।

जिससे बैंक उसे कुछ समय देंगे, जिससे वह लोन की भरपाई कर सके। कई लोगों के साथ ऐसा हो सकता है कि किसी भी कारण से वे loan चुकाने में असमर्थ हों।

ऐसे में लोग इस बात की जानकारी चाहते हैं कि पर्सनल loan ना चुकाने पर क्या होगा? यहां हमने इसी बारे में अच्छे से बात की है।

धन्यवाद

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *